दिलचस्प कहानी: एक बच्चे ने ऐसे की गरीबों की सेवा और बना महान संत

0
20

दिलचस्प कहानी: पिता ने बालक को पैसे देकर बाजार से फल लाने को कहा। बालक बहुत देर से जिद कर रहा था और जिद करते-करते थककर चुप हो गया था। पिता इसलिए समय पर मांग पूरी नही कर सके, क्योंकि उनके पास पैसे नहीं थे। रोजमर्रा के कामकाज करने के बाद जब उसके पास कुछ पैसे आए तो उन्होंने अपने लाड़ले की इच्छा पूरी करने के लिए उसको कुछ पैसे दिए। बालक बहुत खुश होकर फल लेने बाजार गया।बच्चे का ह्दय पसीजा और उसने उन लोगों से पूछा कि ‘वे लोग क्या करते हैं?’ वे बेबस लोग एकटक बच्चे की ओर देखते रहे, क्योंकि वह करना तो बहुत कुछ चाहते थे, लेकिन उनको काम नहीं मिल रहा था। बच्चे ने तुरंत अपने पैसे उन लोगों को दे दिए।बच्चे को रास्ते में कुछ लोग ऐसे दिखाई दिए जिनके शरीर पर कपड़े नहीं थे। वो लोग काफी फटेहाल थे और उनकी हालत देखकर लग रहा था कि उन्होंने काफी दिनों से कुछ नहीं खाया है। बालक फल खरीदने की खुशी में उछलता-कूदता चला जा रहा था, लेकिन जैसे ही उसकी नजर बदतर हालत में रह रहे लोगों पर पड़ी उसके कदम ठिठक गए।जब घर वापस आया तो उसे पिता ने उससे फलों के बारे में पूछा तो उसने कहा कि ‘पिताजी आज तो मैं अमर फल लाया हूं।’ पिता ने उससे फल दिखाने को कहा। बच्चे ने कहा कि ‘पिताजी मुझे रास्ते में कुछ गरीब लोग दिखाई दिए। जिनके शरीर पर पहनने लायक वस्त्र भी नहीं थे इसलिए मैने अपने पैसे उनको दे दिए। अगर मैं फल लाता तो उसकी मिठास तो कुछ ही दिनों तक रहती, लेकिन उनकी सेवा से मुझे अमर फल की प्राप्ति हुई है।’ पिता यह सुनकर बहुत खुश हुए। यब बालक आगे चलकर महान संत बना।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here