धोखे और अपमान का बदला लोकसभा चुनाव में लेंगे प्रदेश के अन्नदाता: रणवीरसिंह रावत

0
7

धोखे और अपमान का बदला लोकसभा चुनाव में लेंगे प्रदेश के अन्नदाता: रणवीरसिंह रावत

किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा-ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं प्रदेश के किसान

भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों को पिछले साढ़े तीन महीनों में ही कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी का फर्क नजर आ गया है। उन्हें यह अहसास हो गया है कि इस सरकार ने कर्जमाफी के नाम पर उन्हें ठगा है और किसानों तक उनके लिए चल रही योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचने नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश के किसान उनके साथ हुए इस धोखे और अपमान आक्रोशित हैं और वे इसका बदला आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से लेंगे। यह बात मंगलवार को भारतीय जनता किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रणवीरसिंह रावत ने मीडिया से चर्चा के दौरान कही।

कर्जमाफी छलावा, किसानों को मिल रहे बैंक के नोटिस

किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रणवीरसिंह रावत ने कहा कि उन्होंने प्रदेश के कई जिलों का दौरा किया है। इसमें सामने आया है कि सरकार ने जो कर्ज माफ किए हैं,वे छोटे कर्ज थे। इसके बावजूद जिन किसानों को कर्जमाफी का प्रमाण-पत्र जारी किया जा चुका है, उन्हें बैंकों से बकाया भुगतान करने के नोटिस मिल रहे हैं। इसके चलते किसान सदमे में हैं और आत्महत्या कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इतनी बेशर्मी पर उतर आई है कि आचार संहिता के चलते हुए ही अधिकारियों पर यह दबाव बना रही है कि जिन किसानों की कर्जमाफी के प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए हैं, उन्हें कोई ऐसा कागज भेजा जाए, जिसमें कर्जमाफी का आश्वासन हो। रावत ने कहा कि ऐसे में मुख्यमंत्री कमलनाथ का 50 लाख किसानों की कर्जमाफी का दावा अपने आप झूठा साबित हो जाता है।

किसानों का हक छीन रही प्रदेश सरकार

किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रणवीरसिंह रावत ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों का हक छीन रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती शिवराज सरकार ने मध्यप्रदेश के किसानों को गेहूँ पर केन्द्र के न्यूनतम समर्थन मूल्य 1735 रुपए पर 265 रु. प्रति क्विंटल बोनस देकर 2000 रु. के भाव से गेहूं खरीदा था। अब केंद्र ने एमएसपी 1,840 रु. कर दिया है, लेकिन प्रदेश सरकार अब भी गेहूं 2000 रु. के भाव पर ही खरीद रही है। जबकि एमएसपी बढ़ने के बाद अब 2105 रु. के भाव से खरीदा जाना चाहिए। सरकार के इस छल के चलते प्रदेश के किसानों को करीब 800 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने खरीदी केंद्रों की संख्या कम कर दी है और जो केंद्र चालू हैं, उन पर कभी सर्वर डाउन होने तो कभी बारदान न होने के बहाने बनाकर खरीदी से बचा जा रहा है। सरकार की घोषणा के बावजूद प्याज की भावांतर राशि न मिलने के कारण किसान अपनी उपज सड़कों पर फेंकने को मजबूर हैं। सरकार ने पिछले खरीफ सीजन में जिन किसानों को धान खरीदी के टोकन दिए थे, तीन महीने इंतजार कराने के बाद उनसे भी धान नहीं खरीदा गया। प्रदेश सरकार ने न तो यूरिया का ठीक से वितरण किया और न ही ओले-पाले के कारण किसानों को हुए नुकसान का ठीक से सर्वे कराया गया।

वादा निभाने में असफल रही कांग्रेस सरकार

किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रणवीरसिंह रावत ने कहा कि किसान यह महसूस करने लगे हैं कि सरकार अपने वादे निभाने में असफल रही है और इसीलिए अब प्रदेश के किसानों का इस सरकार से विश्वास उठ गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसानों को उपज का भुगतान तीन दिन के भीतर करने की बात कही थी, लेकिन सिर पर बेटी की शादी की जिम्मेदारी होने के बावजूद किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों में किसानों को 24 घंटे बिजली भी नहीं मिल पा रही है। रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र सरकार की किसान निधि सम्मान योजना में भी पात्र किसानों की सूची न भेजकर अड़ंगे लगा रही है, जिसके कारण प्रदेश के किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

भाजपा ने लिया किसानों की समृद्धि का संकल्प

मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि सोमवार को जारी भाजपा के संकल्प पत्र में जो प्रावधान किए गए हैं, वह देश और प्रदेश के किसानों की समृद्धि भाजपा का संकल्प हैं।  पत्र किसानों और ग्रामीण भारत को आर्थिक दृष्टि से सषक्त और समृद्ध बनाएगाः रणवीर सिंह रावत इसमें वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आय को दोगुना करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता संकल्प पत्र में दिखाई देती है।  किसान सम्मान निधि के दायरे में सभी किसानों को लाया गया है। किसानों को दिए जाने वाले एक लाख तक के कर्ज पर ब्याज नहीं लेने की बात कही गई है। यही नहीं, बल्कि पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में देश के सभी लघु और सीमांत कृषकों को 60 वर्ष की आयु के उपरांत पेंशन देने का संकल्प भी लिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के ये सभी संकल्प किसानों का जीवन बदलने वाले हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here